प्रेम की आंच भी कम पड़ जाती है जिसके सामने ! प्रेम की आंच भी कम पड़ जाती है जिसके सामने !
कोई पूछे तो कहना, देश है दिलवालों का, सुलझे हुये हर रिश्तों का, कोई पूछे तो कहना, देश है दिलवालों का, सुलझे हुये हर रिश्तों का,
फायदा क्या ऐसी मेहँदी का जो तेरा रंगा न लायी फायदा क्या ऐसी मेहँदी का जो तेरा रंगा न लायी
और भरोसा तो मुझे आज भी है क्यूंकि मैंने तो सुना था अनसुना भी ! और भरोसा तो मुझे आज भी है क्यूंकि मैंने तो सुना था अनसुना भी !
ऐसा प्यार और मन की सफाई भगा ही देगी कोरोना वायरस ऐसा प्यार और मन की सफाई भगा ही देगी कोरोना वायरस
बस तेरे बहाने से आई है, बस तेरे बहाने से आई है,